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नवरात्रि पर सतनाम नर्सिंग होम का सराहनीय फैसला, कन्या जन्म पर मरीज से नहीं लिया जाएगा कोई शुल्क


नवरात्र में कन्या पूजन का महत्व

सनातन परंपरा में नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन को अत्यंत शुभ माना जाता है। मनी सिंह ने कहा कि इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए यह निर्णय लिया गया है ताकि कन्या जन्म को प्रोत्साहित किया जा सके।

🗣️ मनी सिंह बोले:
“नवरात्र शक्ति की उपासना का पर्व है, और कन्या रूप में शक्ति की पूजा होती है। ऐसे में अगर कोई महिला कन्या को जन्म देती है, तो उस परिवार को आर्थिक बोझ न झेलना पड़े, यह हमारा संकल्प है।”
🗣️ डॉ. त्रिपत कौर कहती हैं:
“हम हमेशा सामान्य प्रसव को प्राथमिकता देते हैं, ताकि मरीजों पर आर्थिक बोझ न आए। 

सागर (मकरोनिया):

सेवा और परमार्थ की मिसाल बने सतनाम नर्सिंग होम ने एक बार फिर मानवता और समाज सेवा की नई पहल की है। नवरात्रि के पावन अवसर पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि प्रतिपदा से नवमी तक यदि किसी महिला के यहां कन्या का जन्म होता है, तो उसके इलाज, प्रसव और देखभाल का संपूर्ण खर्च नर्सिंग होम स्वयं उठाएगा। मरीज से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

इस सराहनीय पहल की घोषणा सतनाम वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष मनी सिंह गुरोंन और नर्सिंग होम की उपसंचालक व प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. त्रिपत कौर द्वारा की गई। मनी सिंह ने कहा कि नवरात्रि शक्ति की आराधना का पर्व है और कन्याओं को देवी स्वरूप माना जाता है। ऐसे में कन्या के जन्म को उत्सव के रूप में मनाना चाहिए और यह निर्णय उसी सोच का एक हिस्सा है।

50 वर्षों से सेवा में अग्रणी
सतनाम नर्सिंग होम बीते पांच दशकों से मकरोनिया सहित आसपास के ग्रामीण और शहरी इलाकों के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवा का भरोसेमंद केंद्र बना हुआ है। अस्पताल के संचालक डॉ. गुरनाम सिंह और डॉ. त्रिपत कौर की सरलता, निष्ठा और सेवा भाव के कारण यहां आने वाले मरीजों के साथ आत्मीय रिश्ता बन गया है।

डॉ. त्रिपत कौर की खासियत यह है कि उन्होंने अब तक अधिकतर प्रसव सामान्य विधि से ही कराए हैं। उनका मानना है कि सीजर ऑपरेशन से अतिरिक्त खर्च बढ़ता है जिसे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग वहन नहीं कर पाता। यही कारण है कि अस्पताल में सामान्य प्रसव को प्राथमिकता दी जाती है।

एक समय ऐसा भी आया जब डॉ. त्रिपत कौर स्वयं अस्वस्थ होकर आईसीयू में भर्ती रहीं, लेकिन उनके जनसेवा कार्यों के कारण लोगों की दुआओं और शुभकामनाओं से वह स्वस्थ होकर पुनः मरीजों की सेवा में जुट गईं।

मुफ्त इलाज और मदद के कई उदाहरण
डॉ. गुरनाम सिंह द्वारा मरीजों का नि:शुल्क इलाज करने और जरूरतमंदों को घर लौटने के लिए किराया देने जैसे कई उदाहरण आज भी लोगों के दिलों में हैं। इसी कड़ी में मनी सिंह गुरोंन की भूमिका भी अत्यंत सराहनीय रही है। समय-समय पर वे मरीजों के लिए राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं और कई बार आर्थिक सहयोग भी करते हैं।

मनी सिंह ने बताया कि समाज सेवा ही उनका लक्ष्य है और नवरात्रि जैसे पुण्य अवसर पर कन्या जन्म को सम्मान देना हर किसी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे भी बेटियों को सम्मान दें और समाज में सकारात्मक सोच का संचार करें।

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