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कन्याओं का सम्मान करना पुण्य कार्य


जनसेवक मनी सिंह गुरोंन ने दो कन्यादान करने का लिया था संकल्प एक हुआ पूर्ण
सागर/नवरात्र में कन्या पूजन करना या कन्याओं का सम्मान करना पुण्य कार्य का सूचकj माना जाता है और यह परंपरा सनातन धर्म में सदियों से चली आ रही है और अगर नवरात्र में किसी कन्या का विवाह कराया जाए या कन्यादान किया जाए तो यह भी किसी बड़े पुण्य कार्य से कम नहीं है हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि जाने-माने समाज सेवी और सतनाम वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष मनी सिंग द्वारा कुछ समय पहले दो कन्याओं के विवाह और कन्यादान करने का संकल्प लिया गया था यह संकल्प मनी सिंग द्वारा अपनी मां त्रपत कौर के उत्तम स्वास्थ्य की कामना को लेकर किया गया था,जिसे उन्होंने पूरा करते हुए नवरात्रि के प्रथम दिवस एक कन्या का विवाह और कन्यादान कर संकल्प पूर्ति की ओर कदम बढ़ा दिया है,ग्राम भैंसा की अमरदास कॉलोनी स्थित गुरुद्वारे से इस पुण्य कार्य को किया गया है जनसेवक मनी सिंग द्वारा कन्या के विवाह में प्रयुक्त होने वाली आवश्यक वस्तुओं के अलावा वर वधु के कपड़े की भी व्यवस्था कराई गई है,उनके इस पुण्य कार्य में मनी सिंग के अलावा अहलूवालिया परिवार और अन्य सिक्ख समाज के लोगों का सहयोग रहा है,यहां तक की दूल्हा दुल्हन को देने वाली सामग्री भी मनी सिंग द्वारा अमृतसर से मंगाई गई है उनके इस पुण्य कार्य की सिख समाज के साथ साथ हर कोई तारीफ कर रहा है।
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