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भाजपा सरकार शराब को सामाजिक बुराई के रूप में देखती है, कांग्रेस सरकार ने नशे को सामाजिक मान्यता देने की कोशिश की थी
मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया
सागर मध्यप्रदेश-- नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने नई आबकारी नीति में मद्यपान को हतोत्साहित करने के अनेक प्रावधानों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। मंत्री सिंह ने प्रेस नोट जारी कर कहा है कि हम इन क्रमशः प्रयासों से समाज में नशे के विरुद्ध जनजागरण करते हुए शराबबंदी के लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए संकल्पित हैं। मंत्री सिंह ने कहा कि शराब को सामाजिक बुराई के रूप में स्थापित करके इसके उपयोग को नियंत्रित करके नशे के विरुद्ध जनजागरण की भाजपा सरकार की नीति के उलट कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने जो आबकारी नीति लागू की थी उसमें शराब को सामाजिक मान्यता दिलाये जाने की कुचेष्टा थी जिसके अंतर्गत कांग्रेस सरकार प्रदेश के हर गली मोहल्ले, धार्मिक क्षेत्रों, वन क्षेत्रों में शराब बिक्री को प्रश्रय देते हुए महिलाओं के लिए भी अलग शराब की दूकानें खुलवा कर शराब को घर घर में सामाजिक स्वीकृति दिलाने का उद्देश्य था।
मंत्री सिंह ने बताया कि नई शराब नीति के प्रभावी होने से सागर जिले में 67 अहाते बंद होंगे तथा 12 शराब दूकानों को भी बाहर किया जाएगा जो धार्मिक व शैक्षणिक स्थलों के 100 मीटर परिधि में होंगी। उल्लेखनीय है कि इस परिधि को 50 मीटर से बढ़ा कर 100 मीटर परिधि कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई आबकारी नीति में शराब दूकानों के साथ शराब पिलाने के लिए खुले 2611अहातों को बंद करने का एतिहासिक निर्णय लिया है और शराब दुकानों पर शराब पीने की व्यवस्था पर प्रतिबंध लगाया है। साथ ही शिक्षण संस्थानों, धार्मिक स्थलों के सौ मीटर के दायरे में शराब दूकानें खोले जाने पर रोक लगा दी गई है। शराब पीकर वाहन चलाने के विरुद्ध दांडिक प्रावधानों को और कड़ा कर दिया गया है। इससे स्वस्थ सामाजिक पर्यावरण बनाने में सहायता मिलेगी।
मंत्री सिंह ने कहा कि हमारे समाज की महिलाएं, बहिनें, बेटियां शराब के विरुद्ध हमेशा से लड़ाई लड़ती रही हैं क्योंकि समाज में व्याप्त इस बुराई से वे ही सदैव पीड़ित और प्रभावित होती रही हैं। मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए इन कदमों से स्पष्ट है कि महिला वर्ग की इस शराब विरोधी लड़ाई को अब उनके मामा और भाई शिवराज सिंह चौहान का पूरा साथ मिल रहा है। एक बार फिर भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान प्रदेश की महिलाओं का संबल बन कर उभरे हैं। मंत्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान ने नर्मदा यात्रा के दौरान भी मां नर्मदा जी के किनारे की 64 शराब दुकानों को बंद कराया था।
मंत्री सिंह ने बताया कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों के लायसेंस निलंबित करने का प्रावधान कड़े किये गये हैं। पहली ड्रंक ड्रायविंग पर 6 महीने, दूसरी बार में 2 साल और तीसरी बार में सदैव के लिये ड्रायविंग लायसेंस निलंबित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के निकटवर्ती 6 राज्यों के शराब से प्राप्त होने वाले राजस्व की तुलना करें तो मध्यप्रदेश में सबसे कम राजस्व प्राप्त होता है। उत्तरप्रदेश में 36 हजार 321 करोड़, तेलंगाना में 31 हजार 347 करोड़, आंध्रप्रदेश में 30 हजार 639 करोड़, महाराष्ट्र में 28 हजार 210 करोड़, कर्नाटक में 26 हजार 377 करोड़, राजस्थान में 11 हजार 787 करोड़ रूपये शराब से राजस्व प्राप्त होता है। वहीं मध्यप्रदेश में मात्र 11 हजार 734 करोड़ रूपये का राजस्व इस मद में प्राप्त होता है। भाजपा सरकार मद्यपान को राजस्व प्राप्ति के साधन के रूप में नहीं बल्कि एक सामाजिक बुराई के रूप में स्थापित करने के अपने संकल्प को प्रदेश की जनता के साथ मिलकर पूरा करेगी।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने पूर्ववर्ती कांग्रेस की कमलनाथ सरकार की शराब नीति की आलोचना करते हुए कहा कि कमलनाथ की सरकार ही वह सरकार थी जिसने पुरानी शराब नीति के प्रावधानों को आसान बनाते हुए शराब को प्रदेश सरकार की आय का मुख्य स्रोत बनाने का घटिया काम किया था। इसके पीछे कमलनाथ सरकार की मजबूरी यह थी कि जनता से 971 झूठे वायदे करके आई कांग्रेस की सरकार ने घोषणाओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त राजस्व एकत्रित करने के लिए शराब को ही कमाई का जरिया बना लिया था। मंत्री सिंह ने कहा कि कांग्रेस की शराब नीति में शराब विक्रेताओं को यह सुविधाएं दी गई थीं कि वे 10 से 15 लाख की फीस देकर शराब दूकानों के साथ अहाता खोल सकते थे, इनमें एयरकंडीशन्ड अहाते थे जिनमें से 149 अहातों को कमलनाथ सरकार ने अतिरिक्त फीस लेकर वैध किया था। कमलनाथ सरकार की नीति में था कि 10 प्रतिशत ज्यादा फीस देकर प्रदेश के किसी भी जंगल, होटल के लान, हर मंजिल पर शराब विक्रय की अनुमति दी जाने लगी थी। दो महीने की अवधि के लिए तक कांग्रेस सरकार उपठेके देने लगी थी। यहां तक कि महिलाओं के लिए अलग शराब दूकानें खोलने तथा धार्मिक स्थलों में रिसार्ट और बार खोलने की अनुमति कमलनाथ सरकार दे रही थी। उन्होंने अपने राजस्व और कमीशनखोरी के लिए पूरे समाज को शराब के नशे में डुबाने की कुत्सित साजिश रची थी जिसको भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने असफल कर दिया है।
मंत्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इन शराब विरोधी निर्णयों की हर जनसामान्य सराहना कर रहा है। विशेष रूप से महिलाओं में हर्ष व्याप्त है।नई आबकारी नीति तथा उससे होने वाले लाभ विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा सहित अन्य प्रमुख प्रावधानों से आम नागरिकों को अवगत कराया जाना चाहिए।
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